Meaning of

फ़सुर्दा

fasurda • فسردہ

मुरझाया; फीका; निराश

withered; faded; despondent

مرجھایا ہوا; مدھم; مایوس

Persian

इतने अफ़सुर्दा नहीं हैं हम कि कर लें ख़ुद-कुशी और न इतने ख़ुश कि सच में मरने की ख़्वाहिश न हो — Charagh Sharma
हाल-ए-अफ़सुर्दा देख कर मेरा हो गया है शजर बपा आशोब — Shajar Abbas
आँखों से आँखें मिलने दे ये दिल अफ़सुर्दा खिलने दे — Abha sethi
यही सबब है कि हम हिज्र से हैं अफ़्सुर्दा हर एक हिज्र से पैदा विसाल होता नहीं — Sumit Panchal
कल ये पैग़ाम हर इक पीर-ओ-जवां तक पहुँचे हाल-ए-अफ़सुर्दा में हम कू-ए-बुताँ तक पहुँचे — Shajar Abbas

'फ़सुर्दा' शब्द उस छवि को उभारता है जिसमें जीवन की जीवंतता और रंगत खो गई हो। कविता में, यह अक्सर भावनात्मक वीरानी या जीवन की पूर्व जीवंतता के क्षय का प्रतीक होता है।

कवि 'फ़सुर्दा' का उपयोग हानि और उदासी के विषयों को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह अक्सर उन परिदृश्यों या आत्माओं का वर्णन करने के लिए प्रयोग किया जाता है जो दुःख से प्रभावित हुए हैं। यह शब्द जीवन्तता और आशा की छवियों के विपरीत है।

अपनी शांत उदासी में, 'फ़सुर्दा' जीवन के अनिवार्य पतन के सार को पकड़ता है। यह क्षय में सुंदरता पर चिंतन का आमंत्रण देता है।