Meaning of

फ़ानी

faani • فانی

नश्वर; नाशवान; क्षणभंगुर

mortal; perishable; transient

فانی; ناپائیدار; عارضی

Arabic

हर नफ़स उम्र-ए-गुज़िश्ता की है मय्यत 'फ़ानी' ज़िन्दगी नाम है मर मर के जिए जाने का — Fani Badayuni
ज़िंदगी में तो है ला-फ़ानी, फ़क़त तीन चीज़ तल्ख़ माज़ी, ख़ौफ़े-मुस्तक़बिल या कोई क़ुनूत — A R Sahil "Aleeg"
इश्क़ की अब, इंतिहा क्या? इब्तिदा क्या? शय ये ला-हासिल व ला-फ़ानी जुनूँ है — A R Sahil "Aleeg"
दो ही मज़हब हैं दुनिया-ए-फ़ानी में बस मज़हब-ए-रूह या मज़हब-ए-नफ़्स है — A R Sahil "Aleeg"
बाग़-ए-दुनिया में यूँँही रो हँस के काटूँ चार दिन ज़िंदगी है शबनम-ओ-गुल की तरह फ़ानी मिरी — Tilok Chand Mahroom
उसी के दम से है मुस्तमिर निज़ाम-ए-गर्दिश-ए-आसमाँ क़रार-ओ-रंगत-ओ-रौनक-ए-जहान-ए-फानी है राबिया — Faiz Ahmad
रूह ने जो अज़िय्यत झेली है इस ज़ीस्त फ़ानी में फ़र्क़ पड़ता नहीं, दोज़ख़ में भी अब फेंक दे गर तू — A R Sahil "Aleeg"
दवाओं का असर फ़ानी है लेकिन दु'आओं का असर है जावेदानी — Saarthi Baidyanath

फ़ानी शब्द जीवन की क्षणभंगुरता को दर्शाता है, यह हमारे नश्वर होने और उन क्षणों की याद दिलाता है जिन्हें हम संजोते हैं। कविता में, यह अक्सर सांसारिक सुख-दुख की अस्थिरता पर ध्यान केंद्रित करता है।

कवि 'फ़ानी' का उपयोग जीवन की क्षणभंगुर सुंदरता पर विचार करने के लिए करते हैं। यह शाश्वत विषयों के साथ विरोधाभास करता है, अस्तित्व और विस्मृति के बीच नाज़ुक संतुलन को उजागर करता है।

'फ़ानी' अपने सार में हमारे क्षणिक यात्रा की मार्मिक सच्चाई को पकड़ता है।