पहले सन्नाटा रहा फिर आँधी आईलुट गया सब मेरा फिर बरबादी आईमेरे ख़्वाबों का मकाँ भी हिल गया तबजब फ़रेबी की हवा तूफ़ानी आई— Piyush Shrivastava