Meaning of

फ़ैसल

faisal • فیصل

निर्णय; निर्णय

decision; judgment

فیصلہ; حکم

Arabic

वक़्त पर फ़ैसला नहीं करते,
और फिर 'काश!..काश!' करते हो।

43

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ये मैं ने कब कहा कि मेरे हक़ में फ़ैसला करे
अगर वो मुझ से ख़ुश नहीं है तो मुझे जुदा करे

मैं उस के साथ जिस तरह गुज़ारता हूँ ज़िंदगी
उसे तो चाहिए कि मेरा शुक्रिया अदा करे

206

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तरीक़े और भी हैं इस तरह परखा नहीं जाता
चराग़ों को हवा के सामने रक्खा नहीं जाता

मोहब्बत फ़ैसला करती है पहले चंद लम्हों में
जहाँ पर इश्क़ होता है वहाँ​ सोचा नहीं जाता

130

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हो न पाया ये फ़ैसला अब तक
कीजिए आप तो क्या कीजे

87

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निगाहों के तक़ाज़े चैन से मरने नहीं देते
यहाँ मंज़र ही ऐसे हैं कि दिल भरने नहीं देते

हमीं उन से उमीदें आसमाँ छूने की करते हैं
हमीं बच्चों को अपने फ़ैसले करने नहीं देते

85

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अब हवाएँ ही करेंगी रौशनी का फ़ैसला
जिस दिए में जान होगी वो दिया रह जाएगा

78

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अब के हम तर्क-ए-रसूमात कर के देखते हैं
बीच वालों के बिना बात कर के देखते हैं

इस सेे पहले कि कोई फ़ैसला तलवार करे
आख़िरी बार मुलाक़ात कर के देखते हैं

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वक़्त ही कम था फ़ैसले के लिए
वर्ना मैं आता मशवरे के लिए

तुम को अच्छे लगे तो तुम रख लो
फूल तोड़े थे बेचने के लिए

60

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वक़्त ही कम था फ़ैसले के लिए
वर्ना मैं आता मशवरे के लिए

54

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मेरा क़ातिल ही मेरा मुंसिफ़ है
क्या मिरे हक़ में फ़ैसला देगा

53

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वक़्त पर फ़ैसला नहीं करते,
और फिर 'काश!..काश!' करते हो।

43

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ये मैं ने कब कहा कि मेरे हक़ में फ़ैसला करे
अगर वो मुझ से ख़ुश नहीं है तो मुझे जुदा करे

मैं उस के साथ जिस तरह गुज़ारता हूँ ज़िंदगी
उसे तो चाहिए कि मेरा शुक्रिया अदा करे

206

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'फ़ैसल' एक निर्णय के क्षण को दर्शाता है, जहाँ स्पष्टता भ्रम को काट देती है। कविता में, यह भाग्य के निर्णायक मोड़ या उस आंतरिक विश्वास का प्रतीक है जो किसी के मार्ग को निर्देशित करता है, अक्सर अंतिमता और अधिकार की भावना के साथ।

कवि 'फ़ैसल' का उपयोग भाग्य और चुनाव के विषयों को खोजने के लिए करते हैं। यह अक्सर एक कथा में एक मोड़ को चिह्नित करता है, जहाँ पात्र अपनी सच्चाइयों का सामना करते हैं। यह शब्द अनिवार्यता और नैतिक शक्ति का भार वहन करता है।

काव्यिक परिदृश्य में, 'फ़ैसल' वह क्षण है जहाँ भाग्य और निर्णय मिलते हैं, जीवन की दिशा को आकार देते हैं।