Meaning of

बयान

bayaan • نقص

वक्तव्य; अभिव्यक्ति

statement; expression

بیان; اظہار

Arabic

अगर है इश्क़ सच्चा तो निगाहों से बयाँ होगा ज़बाँ से बोलना भी क्या कोई इज़हार होता है — Bhaskar Shukla
हैं और भी दुनिया में सुख़न-वर बहुत अच्छे कहते हैं कि 'ग़ालिब' का है अंदाज़-ए-बयाँ और — Mirza Ghalib
मेरी हर बात बे-असर ही रही नक़्स है कुछ मिरे बयान में क्या — Jaun Elia
यार बिछड़ कर तुम ने हँसता बसता घर वीरान किया मुझ को भी आबाद न रक्खा अपना भी नुक़्सान किया — Ali Zaryoun
तुम इस का नुक़सान बताती अच्छी लगती हो वरना हम को शौक़ नहीं है सिगरेट-नोशी का — Khurram Afaq
ग़म बयाँ करने का कोई और ढंग ईजाद कर तेरी आँखों का ये पानी तो पुराना हो गया — Waseem Barelvi
तेरी रंजिश खुली तर्ज-ए-बयाँ से न थी दिल में तो क्यूँँ निकली ज़बाँ से — Dagh Dehlvi

'बयान' मूल रूप से एक वक्तव्य या अभिव्यक्ति को संदर्भित करता है, विचारों और भावनाओं को व्यक्त करने का एक साधन। कविता में, यह मात्र शब्दों से परे जाता है, कवि की आत्मा के लिए एक माध्यम बन जाता है, अनकहे सत्य और गहरी भावनाओं के सार को पकड़ता है।

कवि 'बयान' का उपयोग अव्यक्त को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह उन छंदों में पाया जाता है जो अव्यक्त को व्यक्त करने का प्रयास करते हैं, दिल की मौन गहराइयों को आवाज़ देने के लिए, और भावनाओं की छिपी परतों को प्रकट करने के लिए।

काव्यिक क्षेत्र में, 'बयान' मौन और अभिव्यक्ति के बीच पुल बन जाता है, शब्दों की शक्ति का प्रमाण।