Meaning of

बिस्मिल्लाह

bismillah • بسم اللہ

अल्लाह के नाम पर; आरंभ

in the name of Allah; beginning

اللہ کے نام پر; آغاز

Arabic

चुरायगा उसी से आँख क़ातिल ज़रा सी जान जिस बिस्मिल में होगी — Dagh Dehlvi
कभी बिस्मिल से पूछो तुम कभी अशफ़ाक़ से पूछो वतन क्या चीज़ है यारों भगत आज़ादस पूछो — Prashant Sitapuri
दिल मेरा था रो रहा आँखें थी उस की रो रहीं वो बने बिस्मिल थे आब-ए-गिर्या जो थे देखते — arjun chamoli
अपना भी आराम खोया मुझ को भी बिस्मिल किया तोड़कर मुझ सेे तअल्लुक़ तू ने क्या हासिल किया — Tarun Bharadwaj
किया तबाह तो दिल्ली ने भी बहुत 'बिस्मिल' मगर ख़ुदा की क़सम लखनऊ ने लूट लिया — Bismil Saeedi
दिल मेरा था रो रहा आँखें थी उस की रो रहीं वो हुए बिस्मिल थे आब-ए-गिर्या जो थे देखते — arjun chamoli
नीम बिस्मिल हवा आरज़ी तौर पर साँस लेती रही सांँवला एक मौसम दरख़्तों की शाख़ों पे रक्खा रहा — Moni Gopal Tapish

बिस्मिल्लाह शब्द में दिव्य आशीर्वाद के साथ आरंभ करने की गहरी भावना होती है। कविता में, यह अक्सर यात्रा या प्रयास की शुरुआत को दर्शाता है, जिसमें पवित्रता और विनम्रता का भाव होता है।

कवि 'बिस्मिल्लाह' का उपयोग कविता या महत्वपूर्ण खंड की शुरुआत को चिह्नित करने के लिए करते हैं, जिससे पाठ में दिव्य मार्गदर्शन की भावना आती है। यह सांसारिक शुरुआत के विपरीत, एक आध्यात्मिक स्वर प्रदान करता है।

अपनी सरलता में, 'बिस्मिल्लाह' दिव्यता के द्वार खोलता है, पाठक को एक ऐसी दुनिया में कदम रखने के लिए आमंत्रित करता है जहाँ हर आरंभ पवित्र होता है।