
हमारे साथ चलने का इरादा है तो बिस्मिल्लाह
अगर दुनिया बदलने का इरादा है तो बिस्मिल्लाह
मिरा पैकर है ख़ाकी ख़ाक में मिल जाएगा इक दिन
अगरचे फिर भी ढलने का इरादा है तो बिस्मिल्लाह
— Shajar Abbas
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