Meaning of

बैन

bein • بین

विलाप; शोक

lament; mourning

نوحہ; ماتم

Persian

उन के गेसू खुलें तो यार बने बात मेरी इक रबर बैंड ने जकड़ी हुई है रात मेरी — Zubair Ali Tabish
चूमा था एक दिन किसी गुल की जबीन को लहजे से आज तक मेरे ख़ुश्बू नहीं गई — Afzal Ali Afzal
फिर एक रोज़ मुक़द्दर से हार मानी गई ज़बीन चूम के बोला गया "ख़ुदा हाफ़िज़" — Afkar Alvi
आँख में पानी रखो, होंटों पे चिंगारी रखो ज़िंदा रहना है तो तरकीबें बहुत सारी रखो — Rahat Indori

'बैन' शब्द गहरे दुःख और शोक की भावना को जगाता है। अपने मूल अर्थ में, यह हानि या त्रासदी के प्रति विलाप करने की क्रिया को संदर्भित करता है। कविता ने इस अर्थ को व्यापक भावनात्मक परिदृश्य तक विस्तारित किया है, जहाँ 'बैन' गहन दुःख और मानवीय स्थिति की नाजुकता को व्यक्त करने का माध्यम बन जाता है।

कवि अक्सर 'बैन' का उपयोग दुःख की गहराई को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह आत्मा की पुकार का रूपक हो सकता है। यह आनंद और उत्सव के शब्दों के विपरीत होता है, जो मानवीय अनुभव की द्वैतता को उजागर करता है।

कविता के क्षेत्र में, 'बैन' जीवन की क्षणभंगुर प्रकृति की मार्मिक याद दिलाता है। यह मानवीय असुरक्षा के सार को पकड़ता है।