रूमाल ले लिया है किसी माह-जबीन सेकब तक पसीना पोंछते हम आस्तीन सेये आँसुओं के दाग़ हैं, आँसू ही धोएँगेये दाग़ धुल न पाएँगे वाशिंग मशीन से— Waseem Nadir