Meaning of

मंज़र

manzar • منظر

दृश्य; नज़ारा

scene; view

منظر; نظارہ

Arabic

मुझ से अब लोग कम ही मिलते हैं यूँँ भी मैं हट गया हूँ मंज़र से — Jaun Elia
जिस शाने पर सर रखते हो उस शाने पर सो जाते हो जाने कैसे दीदावर हो हर मंज़र में खो जाते हो — Poonam Yadav
कैसे मंज़र सामने आने लगे हैं गाते गाते लोग चिल्लाने लगे हैं — Dushyant Kumar
नई नई आँखें हों तो हर मंज़र अच्छा लगता है कुछ दिन शहर में घू में लेकिन अब घर अच्छा लगता है — Nida Fazli
काश ऐसा कोई मंज़र होता मेरे काँधे पे तेरा सर होता — Tahir Faraz
जैसा मूड हो वैसा मंज़र होता है मौसम तो इंसान के अंदर होता है — Aziz Ejaaz
थोड़ा सा अक्स चाँद के पैकर में डाल दे तू आ के जान रात के मंज़र में डाल दे — Kaif Bhopali

'मंज़र' एक दृश्य का सार पकड़ता है, समय में एक क्षण का जीवंत चित्रण। कविता में, यह कल्पना के कैनवास को रंगता है, पाठकों को शब्दों से निर्मित दुनिया में कदम रखने की अनुमति देता है।

कवि 'मंज़र' का उपयोग जीवंत चित्र बनाने के लिए करते हैं, पाठकों को दूरस्थ भूमि या अंतरंग क्षणों में ले जाते हैं। यह प्रकृति की भव्यता या मानवीय भावनाओं की सूक्ष्मताओं को जागृत कर सकता है।

'मंज़र' वह खिड़की है जिसके माध्यम से आत्मा दुनिया की झलक देखती है, दृष्टि की शक्ति का प्रमाण।