Meaning of

मख़्लूक़

maKHlooq • مخلوق

प्राणी; सृष्टि; जीव

creature; creation; beings

مخلوق; تخلیق; مخلوقات

Arabic

कहते हैं ऐ इंसान तू अशरफ़-उल-मख़्लूक़ात है ढूँढ़ आख़िर तुझ में भला कौन सी ऐसी बात है — Zaan Farzaan
अशरफ़-उल-मख़्लूक़ आख़िर क्यूँ कहें इंसान को हम जब है फ़रमान-ए-ख़ुदा, बेशक ख़सारे में है इंसाँ — A R Sahil "Aleeg"
मिटता रहा बदन हस्ती कब रही किसी की साँसें न लड़ सकीं तो मख़्लूक छोड़ आया — Manish Pithaya
दुखा के दिल शजर मख़्लूक़-ए-रब का नमाज़ें पढ़ने से क्या फ़ाइदा है — Shajar Abbas

मूल रूप से 'मख़्लूक़' का अर्थ है सभी जो सृजित है, जीवन और अस्तित्व की विशालता को समेटे हुए। कविता में यह शब्द सृजनकर्ता और सृजित के बीच के नाजुक संबंध को उजागर करता है, जीवन की नाजुकता और सुंदरता को रेखांकित करता है।

'मख़्लूक़' का उपयोग कवि अक्सर सभी प्राणियों की परस्पर संबंधिता पर विचार करने के लिए करते हैं। यह जीवन की विविधता पर आश्चर्य की भावना या ब्रह्मांड में मानव स्थिति पर विचार उत्पन्न कर सकता है।

कविता में 'मख़्लूक़' सभी जीवन के साझा सार की याद दिलाता है। यह हमें अस्तित्व की भव्य बुनावट में हमारे स्थान पर विचार करने के लिए आमंत्रित करता है।