Meaning of

मजरूह

majrooh • مجروح

घायल; आहत; चोटिल

wounded; injured; hurt

زخمی; مجروح; چوٹ

Arabic

ज़बाँ हमारी न समझा यहाँ कोई 'मजरूह' हम अजनबी की तरह अपने ही वतन में रहे — Majrooh Sultanpuri
फ़रेब-ए-साक़ी-ए-महफ़िल न पूछिए 'मजरूह' शराब एक है बदले हुए हैं पैमाने — Majrooh Sultanpuri
रोक सकता हमें ज़िंदान-ए-बला क्या 'मजरूह' हम तो आवाज़ हैं दीवार से छन जाते हैं — Majrooh Sultanpuri
तुझे न माने कोई तुझ को इस से क्या मजरूह चल अपनी राह भटकने दे नुक्ता-चीनों को — Majrooh Sultanpuri
'मजरूह' क़ाफ़िले की मिरे दास्ताँ ये है रहबर ने मिल के लूट लिया राहज़न के साथ — Majrooh Sultanpuri

मजरूह गहरे भावनात्मक या शारीरिक चोट का एहसास कराता है। कविता में, यह अक्सर प्रेम के घावों या अधूरी इच्छाओं के दर्द का प्रतीक होता है, जो मानव हृदय की नाजुकता को पकड़ता है।

कवि 'मजरूह' का उपयोग प्रेम और हानि के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह यादों की खट्टे-मीठे स्वभाव और पिछले घावों के स्थायी दर्द को जागृत कर सकता है।

मजरूह हृदय के स्थायी घावों को दर्शाता है, प्रेम की जटिल यात्रा का प्रमाण है।