Meaning of

मज़लूम

mazloom • مظلوم

पीड़ित; शोषित; दबा हुआ

oppressed; victimized; downtrodden

مظلوم; ستایا ہوا; دبایا ہوا

Arabic

साथ मज़लूम के हैं दीन के हामी हम हैं मुख़्तसर ये है फ़िलिस्तीन के हामी हम हैं — Amaan Haider
एक मज़लूम और इक ज़ालिम दो ही मज़हब हैं सारी दुनिया में — Shakir Dehlvi
सुना है अर्श तक जाती हैं हर मज़लूम की आहें मेरी चीखें मेरे नाले ये सब तुझ तक पहुँचते हैं? — Ansh Ghafil
देख कर ज़ुल्म-ओ-सितम मज़लूम पर आज फिर इंसानियत शर्मा गई — Shajar Abbas
मज़लूम को कुछ लोग बुरा कहने लगे हैं ज़ालिम को बजा कहने का अंदाज़ तो देखो — Rekhta Pataulvi
कोई उठता नहीं मज़लूम का हामी बनकर कब तलक ज़ुल्म पा ख़ामोश रहेगी दुनिया — ''Akbar Rizvi"
आलम-ए-इंसानियत को कर दिया है शर्मसार इब्न-ए-आदम तू ने इक मज़लूम का सर काट के — Shajar Abbas
देखा कि पहले शहर में मज़लूम कितने हैं फिर मुझ को इंतिख़ाब कर रुसवा किया गया — Parwez Akhtar

मज़लूम उस व्यक्ति की छवि प्रस्तुत करता है जो अन्याय का बोझ उठाता है, उसकी मौन पीड़ा दुनिया की असमानताओं की गवाही देती है। कविता में, यह शब्द अनकही पीड़ा और सहन करने वालों की मौन गरिमा को पकड़ता है।

कवि अक्सर 'मज़लूम' का उपयोग हाशिए पर पड़े लोगों के संघर्षों को उजागर करने के लिए करते हैं। यह पीड़ा में पाए जाने वाले धैर्य की मार्मिक याद दिलाता है। यह शब्द शक्ति और अधिकार के शब्दों के विपरीत, दबे हुए लोगों की मौन शक्ति को उजागर करता है।

मज़लूम विपरीत परिस्थितियों में पाई जाने वाली मौन शक्ति का प्रतीक है। यह एक ऐसा शब्द है जो अपनी चुप्पी में बहुत कुछ कहता है।