Meaning of

मदहोश

madhosh • مدہوش

मत्त; मोहित

intoxicated; entranced

مدہوش; مسحور

Persian

ख़ुदा मुझ को बचाए अब सनम तुम्हारी आँखों से फ़रिश्ते भी हुए मदहोश तो हम आदमी क्या हैं — ATUL SINGH
खु़दी में क्यूँ सनम मदहोश रहती हो सुना है तुम बहुत ख़ामोश रहती हो — S M Afzal Imam
बाज़ुओं को ग़ैर की मदहोश कर शर्म तो आती नहीं होगी तुम्हें — Ajeetendra Aazi Tamaam
वाइज़ भी इक निग़ाह से मदहोश हो गए सादा दिली का आप की ऐसा नशा हुआ — Ajeetendra Aazi Tamaam
जब से मुँह को लग गई 'अख़्तर' मोहब्बत की शराब बे-पिए आठों पहर मदहोश रहना आ गया — Akhtar Ansari
बाद-ए-सबा गुज़री अभी पैग़ाम उन का दे गई ख़ुश्बू मोहब्बत की उधर मदहोशियाँ फैला रही — arjun chamoli
तेरे तिरछी नज़र से देखने के ही सबब मैं तो सदा बेहोश बस दिन रात मैं मदहोश रहता हूँ — Jagat Singh
मदहोश है कोई तो कोई बे शुऊर है हर दिल पे सुब्हो शाम ये कैसा सुरूर है — Ajeetendra Aazi Tamaam
बिखरा पड़ा हूँ मुझे आग़ोश में न कर मदहोश हूँ रहने दे तू होश में न कर — Azhan 'Aajiz'

मदहोश उस अवस्था को दर्शाता है जब भावनाओं या संवेदनाओं से अभिभूत हो जाते हैं, जिसे अक्सर नशे के समान माना जाता है। कविता में, यह प्रेम या सौंदर्य के आनंद में खोई हुई आत्मा की छवि को उभारता है, जहाँ वास्तविकता एक सपने में बदल जाती है।

कवि मदहोश का उपयोग प्रेम के परमानंद, प्रकृति की अद्भुत सुंदरता, या आध्यात्मिक जागृति की सम्मोहक अवस्था को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह स्पष्टता और संयम के विपरीत है।

मदहोश हमें उस अलौकिकता में समर्पण करने के लिए आमंत्रित करता है, जहाँ हृदय अपने सपनों के नृत्य में अपनी सच्ची लय पाता है।