Meaning of

मय-फ़रोश

may-farosh • مے فروش

शराब बेचने वाला; मादक पेय का विक्रेता

wine-seller; vendor of intoxicating drinks

شراب فروش; نشہ آور مشروبات کا بیچنے والا

Persian

तुम मुझे नश्तर दिखाई देती हो क़त्ल कितनों का किया तुम ने अब तक — Abhay Mishra
तन्हाई ये नश्तर जैसी चुभती है आओ हम तुम फिर से झगड़ा करते है — Pushpendra Panchal
ख़ुदा-रा कौन सा ग़म टूट पड़ता गर चले आते बिला-शक आस्तीं में तुम लिए नश्तर चले आते — Nityanand Vajpayee
इश्क़ के मारे हो तुम तुम को पता ही होगा बे-वफ़ाई के ये नश्तर नहीं देखे जाते — A R Sahil "Aleeg"
क़फ़स की तीलियों से टूट कर जो गिर गया हूँ मैं तुम्हारी आँख का तिनका था अब नश्तर बना हूँ मैं — REHAN KHAN

यह शब्द उस व्यक्ति की छवि प्रस्तुत करता है जो शराब के व्यापार में संलग्न होता है, जिसे अक्सर प्रलोभन और विलासिता का प्रतीक माना जाता है। कविता में, यह चरित्र कभी-कभी सांसारिक सुखों और आनंद की क्षणभंगुरता का प्रतीक होता है।

कवि अक्सर 'मय-फ़रोश' का उपयोग विलासिता और नैतिक संघर्ष के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह वर्जित सुखों के आकर्षण या इच्छा और संयम के बीच आंतरिक संघर्ष का प्रतिनिधित्व कर सकता है।

कविता की दुनिया में, 'मय-फ़रोश' विलासिता और संयम के बीच नाजुक संतुलन की याद दिलाता है।