Meaning of

मर्ग

marg • مرگ

मृत्यु; अंत; निधन

death; demise; end

مرگ; موت; انجام

Sanskrit

तिरे ये आशिक़ों की भीड़ से है शहर में रौनक़ नहीं तो शहर की क़िस्मत में सन्नाटा है मरघट का — arjun chamoli
ज़ख़्म क्या होगा जहाँ में और कोई दूसरा बाप के शाने अगर मरघट को बेटा चल पड़े — Ravi 'VEER'
मृगतृष्णा की सच्चाई को झूठ बताया करते हैं कैसे कैसे लोग हैं जो पत्थर पिघलाया करते हैं — Aryan Mishra
ता-दम-ए-मर्ग़ याद आएगी उस ने इस तरह बेवफाई की — Prasoon
रौनके महफ़िल से ले कर इस सुकूत-ए-मर्ग तक ज़िन्दगी तुझ को लिए हम दर-ब-दर फिरते रहे — Aman Kumar Shaw "Haif"
हयात को लिए मैं आ गया हूँ मर्ग के दर किसी का ग़ुस्सा किसी और पे निकाल दिया — Haresh Vanza
बता दी दिल की सभी बातें उस को मैं ने आज मैं मरघटे से हूँ लौटा अज़ान देते हुए — Raj
सुंदर कोयल सुंदर कागा सुंदर मृग के नैन भागे 'रिंद' दौड़ता जाए दिवस दिखे ना रैन — Murli Dhakad

मर्ग, अपनी कठोर वास्तविकता में, जीवन के अंत का संकेत देता है। फिर भी, कविता में, यह मात्र समाप्ति से परे जाता है, अस्तित्व के चक्र पर एक गहन ध्यान बन जाता है, अनंतता का द्वार।

कवि अक्सर मर्ग का उपयोग मृत्यु और जीवन की क्षणभंगुर प्रकृति के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह शांति या अनिवार्यता की भावना को जागृत कर सकता है। यह जीवन के विपरीत है, अस्तित्व और विस्मृति के बीच नाजुक संतुलन को उजागर करता है।

मर्ग जीवन की अस्थिरता की याद दिलाता है। कविता में, यह अस्तित्व के परे रहस्यों की खोज के लिए एक कैनवास बन जाता है।