Meaning of

मशरूफ़

mashroof • مشغول

व्यस्त; संलग्न; लगे हुए

busy; occupied; engaged

مصروف; مشغول; مشغولیت

Arabic

मशरूफ़ हो गए थे यूँँ दुनिया की शाम में तुम को भुलाने की ज़रा फ़ुर्सत नहीं मिली — "Nadeem khan' Kaavish"
तुम मशरूफ इंशा करते हो आधी रात को याद तुम्हारे इंतिज़ार में आख़िर कब तक जागे कोई — karan singh rajput
मुझ को गिराने में यूँँ मशग़ूल मेरे अपने मुझ को गिराते ख़ुद अपने आप गिर गए हैं — Deep kamal panecha
अहल-ए-क़लम मशग़ूल हैं या मजबूर अच्छा लिखा, लिखके रहे हैं मसरूर — Manohar Shimpi
क़िस्से बचपन के अब कौन सुनाएगा बच्चे तो मशग़ूल हैं अब मोबाइल में — Sandeep dabral 'sendy'

'मशरूफ़' शब्द का अर्थ है किसी कार्य या विचार में गहराई से लीन होना। कविता में, यह अक्सर मानवीय स्थिति को दर्शाता है, जहाँ व्यक्ति सांसारिक या भावनात्मक कार्यों में व्यस्त होता है, और कर्तव्य और इच्छा के बीच के तनाव को उजागर करता है।

कवि 'मशरूफ़' का उपयोग उन पात्रों को चित्रित करने के लिए करते हैं जो अपने कर्तव्यों या जुनून में खोए हुए हैं। यह अवकाश या चिंतन के क्षणों के विपरीत होता है, जीवन की निरंतर गति को उजागर करता है। यह स्वतंत्रता या शांति की लालसा को भी व्यक्त कर सकता है।

जीवन के नृत्य में, 'मशरूफ़' निरंतर गति को पकड़ता है, जो हमें संतुलन की खोज की याद दिलाता है।