Meaning of

मसरुफ़

masroof • بنیادیں

व्यस्त; संलग्न; मशगूल

busy; occupied; engaged

مصروف; مشغول; مشغولیت

Arabic

मेरी तमाम ज़िंदगी बर्बाद कर के अब
मसरूफ़ होगी ईद कि तय्यारियों में वो

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याद भी आता नहीं कुछ भूलता भी कुछ नहीं
या बहुत मसरूफ़ हूँ मैं या बहुत फ़ुर्सत में हूँ

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ये सोचना ग़लत है कि तुम पर नज़र नहीं
मसरूफ़ हम बहुत हैं मगर बे-ख़बर नहीं

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ख़ुद को मसरूफ़ किए रखने की कोशिश करना
क्या तेरी याद के ज़ुमरे में नहीं आता है

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जानता है कि वो न आएँगे
फिर भी मसरूफ़-ए-इंतिज़ार है दिल

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हमें पता है कि मसरूफ़ हो बहुत फिर भी
हमारी दस्तकें सुनते रहो ज़मीर हैं हम

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इतना मसरूफ़ हूँ जीने की हवस में 'शाहिद'
साँस लेने की भी फ़ुर्सत नहीं होती मुझ को

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तुम भी शादी कर के हम को भूल गई
हम भी नाम कमाने में मसरूफ़ हुए

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बहुत मसरूफ थी ना तुम किसी लड़के के चक्कर में
अभी मैं बन गया शाइ'र तो मेरी याद आती है

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फ़ुर्सत में रहा करते हैं फ़ुर्सत से ज़ियादा
मसरूफ़ हैं हम लोग ज़रूरत से ज़ियादा

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मेरी तमाम ज़िंदगी बर्बाद कर के अब
मसरूफ़ होगी ईद कि तय्यारियों में वो

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याद भी आता नहीं कुछ भूलता भी कुछ नहीं
या बहुत मसरूफ़ हूँ मैं या बहुत फ़ुर्सत में हूँ

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'मसरुफ़' शब्द का अर्थ है कार्यों या कर्तव्यों में लीन होना। कविता में, यह अक्सर व्यस्तता के भावनात्मक बोझ को दर्शाता है, कभी-कभी व्यक्तिगत इच्छाओं से ध्यान भटकने या गहरे लालसा की ओर इशारा करता है।

कवि 'मसरुफ़' का उपयोग किसी पात्र के आंतरिक संघर्ष या सामाजिक मांगों को दर्शाने के लिए करते हैं जो उन्हें व्यक्तिगत संतोष से दूर खींचती हैं। यह उन शब्दों के विपरीत है जो स्वतंत्रता या अवकाश का सुझाव देते हैं।

काव्यिक क्षेत्र में, 'मसरुफ़' कर्तव्य और इच्छा के बीच के तनाव को दर्शाता है, जो मानव स्थिति की जटिलता की याद दिलाता है।