Meaning of

मसा

masaa • مسا

शाम; संध्या

evening; dusk

شام; غروب

Arabic

ये जितने मसाइल हैं दुनिया में, सब
तुझे देखने से सुलझ जाएँगे

30

Download Image

मुझ को भी उन्हीं में से कोई एक समझ ले
कुछ मसअले होते हैं ना जो हल नहीं होते

126

Download Image

मुसाफ़िर हैं हम भी मुसाफ़िर हो तुम भी
किसी मोड़ पर फिर मुलाक़ात होगी

65

Download Image

मुसाफ़िरों के दिमाग़ों में डर ज़ियादा है
न जाने वक़्त है कम या सफ़र ज़ियादा है

46

Download Image

हम-सफ़र चाहिए हुजूम नहीं
इक मुसाफ़िर भी क़ाफ़िला है मुझे

44

Download Image

हम से पहले भी मुसाफ़िर कई गुज़रे होंगे
कम से कम राह के पत्थर तो हटाते जाते

43

Download Image

हुस्न को शर्मसार करना ही
इश्क़ का इंतिक़ाम होता है

34

Download Image

ये दिल मलूल भी कम है उदास भी कम है
कई दिनों से कोई आस पास भी कम है

हमें भी यूँ ही गुजरना पसंद है और फिर
तुम्हारा शहर मुसाफ़िर-शनास भी कम है

33

Download Image

चलो माना कि रोना मसअले का हल नहीं लेकिन
करे भी क्या कोई जब ख़त्म हर उम्मीद हो जाए

31

Download Image

मसअले का ये हल निकाला है
ख़्वाहिशों को ही मार डाला है

31

Download Image

ये जितने मसाइल हैं दुनिया में, सब
तुझे देखने से सुलझ जाएँगे

30

Download Image

मुझ को भी उन्हीं में से कोई एक समझ ले
कुछ मसअले होते हैं ना जो हल नहीं होते

126

Download Image

'मसा' शब्द सूर्य के धीरे-धीरे ढलने का आभास कराता है, जब लंबी परछाइयाँ बनती हैं और आकाश नारंगी और बैंगनी रंगों में रंग जाता है। कविता में, यह अक्सर दिन के अंत का प्रतीक होता है, एक समय जब विचार और शांति का अनुभव होता है।

कवि 'मसा' का उपयोग अक्सर अंत की उदासी, संध्या की सुंदरता और दिन के समापन के साथ आने वाले आत्मनिरीक्षण को व्यक्त करने के लिए करते हैं।

संध्या की कोमल बाहों में, एक अंत और एक आरंभ दोनों मिलते हैं।