Meaning of

महरूर

mehrur • مغرور

गर्वित; अहंकारी

proud; arrogant

فخر; مغرور

Arabic

आप की सादा दिली ख़ुद आप की तौहीन है हुस्न वालों को ज़रा मग़रूर होना चाहिए — Abbas Qamar
तेरा मग़रूर हो जाना मुझे खलता नहीं लेकिन तेरी आँखों से मुझ को और कुछ मालूम होता है — Sakshi Saraswat
कि उस मग़रूर चंदा की ख़ुशामद से तो अच्छा है मैं घर की खिड़कियों को आप की तस्वीर से ढक लूँ — Nityanand Vajpayee
जवानी,जोश में मग़रूर है लड़की बुढ़ापे का नहीं शायद पता उस को — Shivam Prajapati
अम्न की बातें वो भी नासूर के साथ जंग ज़ाहिर है तो है मग़रूर के साथ — Praveen Bhardwaj

महरूर शब्द गर्व की उस सीमा को दर्शाता है जो अहंकार में बदल सकती है। कविता में, यह अक्सर एक चरित्र के आत्मविश्वास को दर्शाता है जो प्रशंसनीय और अलगावपूर्ण दोनों हो सकता है।

कवि महरूर का उपयोग उन पात्रों को चित्रित करने के लिए करते हैं जो आत्मविश्वासी लेकिन दूरस्थ होते हैं। यह आत्म-सम्मान और घमंड के बीच की महीन रेखा को दर्शा सकता है।

महरूर गर्व की द्वैतता को पकड़ता है, एक गुण जो ऊँचा उठा सकता है या अलग कर सकता है।