Meaning of

मह-ओ-साल

mah-o-saal • مہ و سال

महीने और साल; समय का प्रवाह

months and years; passage of time

مہینے اور سال; وقت کا بہاؤ

Persian

वो गुज़िश्ता दिनों मुयस्सर था
ये मह-ओ-साल मेरे हक़ में नहीं

2

Download Image

न हुआ नसीब क़रार-ए-जाँ हवस-ए-क़रार भी अब नहीं
तिरा इंतिज़ार बहुत किया तिरा इंतिज़ार भी अब नहीं

तुझे क्या ख़बर मह-ओ-साल ने हमें कैसे ज़ख़्म दिए यहाँ
तिरी यादगार थी इक ख़लिश तिरी यादगार भी अब नहीं

86

Download Image

किसे फ़ुर्सत-ए-मह-ओ-साल है ये सवाल है
कोई वक़्त है भी कि जाल है ये सवाल है

52

Download Image

वो गुज़िश्ता दिनों मुयस्सर था
ये मह-ओ-साल मेरे हक़ में नहीं

2

Download Image

न हुआ नसीब क़रार-ए-जाँ हवस-ए-क़रार भी अब नहीं
तिरा इंतिज़ार बहुत किया तिरा इंतिज़ार भी अब नहीं

तुझे क्या ख़बर मह-ओ-साल ने हमें कैसे ज़ख़्म दिए यहाँ
तिरी यादगार थी इक ख़लिश तिरी यादगार भी अब नहीं

86

Download Image

मह-ओ-साल समय के निरंतर प्रवाह को दर्शाता है, जो महीनों और वर्षों के क्रम से चिह्नित होता है। कविता में, यह अक्सर जीवन के अपरिहार्य प्रवाह का प्रतीक है, भाग्य की ओर धीमी लेकिन निश्चित प्रगति।

कवि मह-ओ-साल का उपयोग जीवन की क्षणभंगुर प्रकृति और समय के अपरिहार्य प्रवाह पर विचार करने के लिए करते हैं। यह जीवन के क्षणिक क्षणों और समय की स्थायी प्रगति की याद दिलाता है।

मह-ओ-साल समय की अडिग यात्रा की काव्यात्मक याद दिलाता है। यह जीवन की अस्थिरता के प्रति दिल की जागरूकता को व्यक्त करता है।