Meaning of

माशूक़

maashooq • معشوق

प्रिय; प्रेमिका

beloved; sweetheart

محبوب; دلبر

Arabic

ऐ "दाग़" बुरा मान ना तू उस के कहे का माशूक की गाली से तो इज़्ज़त नहीं जाती — Dagh Dehlvi
मौत मोहब्बत और माशूक़ा सब सेे आनाकानी है मेरे इतने सारे दुखड़े कौन सहेगा मेरे साथ — nakul kumar
कौन सी जा है जहाँ जल्वा-ए-माशूक़ नहीं शौक़-ए-दीदार अगर है तो नज़र पैदा कर — Ameer Minai
हज़ारों रंज-ए-दिल दे दे के माशूक़ों को झेले हैं ये पापड़ किस ने बेले हैं ये पापड़ मैं ने बेले में — Nooh Narvi
सुन ऐ माशूक़ मिरी आँखें भी नमदीदा हैं इश्क़ के रास्ते क्यूँ सारे ये पेंचीदा हैं — Danish Balliavi
इश्क़ माशूक़ इश्क़ आशिक़ है या'नी अपना ही मुब्तला है इश्क़ — Meer Taqi Meer
किसी माशूक़ का आशिक़ से ख़फ़ा हो जाना रूह का जिस्म से गोया है जुदा हो जाना — Ahsan Marahravi
मेरी माशूक़ है मोहब्बत है शा'इरी शौक़ थोड़ी है मेरा — ABhishek Parashar
हम को तितली के आशिक़ की हाए लगी हम उस की माशूका पकड़ा करते थे — Lakhan Vaishnav "Aasmaan"

'माशूक़' शब्द स्नेह के वस्तु को दर्शाता है, जो अक्सर आदर्शीकृत और अप्राप्य होता है। कविता में, यह उस प्रिय का प्रतीक है जो लालसा और प्रशंसा को प्रेरित करता है, सुंदरता और गरिमा का प्रतीक होता है।

कवि 'माशूक़' का उपयोग प्रेम और लालसा की गतिशीलता की खोज के लिए करते हैं। यह प्रेमी के विपरीत होता है, दूरी और इच्छा को उजागर करता है। यह शब्द मोह और उदासी दोनों को व्यक्त कर सकता है।

कविता की दुनिया में, 'माशूक़' आदर्शीकृत प्रेम का प्रतीक बना रहता है, जो हमेशा प्रेरित और मायावी होता है।