Meaning of

मिस्रा

misra • مصرعہ

काव्य पंक्ति; शेर की पंक्ति

verse; line of poetry

شعر کی سطر; مصرع

Arabic

चाँद सा मिस्रा अकेला है मिरे काग़ज़ पर छत पे आ जाओ मिरा शे'र मुकम्मल कर दो — Bashir Badr
सिर्फ़ दो ही लोग दिन भर साथ थे इक ग़ज़ल का एक मिसरा और मैं — Divy Kamaldhwaj
ग़ज़ल को छोड़ कर जब भी नया मैं शे'र लिखता हूँ ग़ज़ल का फिर वही मिसरा अधूरा रोक लेता है — Jitendra "jeet"
पहले सानी मिसरा लिख्खो फिर ऊला बाँधा जाएगा ग़म हँसते-हँसते सहलो तो ग़म रोता-रोता जाएगा — Lokesh Vashishtha
बस फ़ाइलों का बोझ उठाया करें जनाब मिस्रा ये 'जौन' का है इसे मत उठाइए — Jaun Elia
मेरी ग़ज़लों मिरे शे'रों में होंगी ग़लतियाँ बेशक नहीं भेजा कोई मिसरा कभी उस्ताद को हम ने — Kuldeep Tripathi KD
कभी उस के ख़यालों पर ही नज़्में लिख दी थीं मैं ने वो अब तो रू-ब-रू है फिर भी इक मिसरा नहीं बनता — Yuvraj Singh Faujdar

'मिस्रा' मूल रूप से कविता की एक पंक्ति को दर्शाता है, जो अक्सर एक संपूर्ण विचार या छवि को वहन करती है। कविता में, यह एक संरचना का हिस्सा बन जाता है, जो लय और अर्थ की एक इकाई के रूप में कार्य करता है।

'मिस्रा' का उपयोग कवि ध्वनि और अर्थ के जटिल पैटर्न बनाने के लिए करते हैं। यह एक शक्तिशाली वक्तव्य के रूप में अकेला खड़ा हो सकता है या दोहे या पद्यांश बनाने के लिए अन्य के साथ मिल सकता है। एक मिस्रा के भीतर संतुलन और सामंजस्य उसके प्रभाव के लिए महत्वपूर्ण होते हैं।

'मिस्रा' एक टुकड़ा और एक संपूर्ण दोनों है, जो काव्यात्मक अभिव्यक्ति का सार पकड़ता है।