Meaning of

मुक़ाम-ए-हैफ़

maqam-e-haif • مقام ہیف

पछतावे का स्थान; दुःख का निवास

place of regret; abode of sorrow

پچھتاوے کی جگہ; غم کا مقام

Persian

वफ़ा की लाश पर हैं दाग़ किस के बे-वफ़ाई के मुक़ाम-ए-हैफ़ है ऐ इश्क़-ए-फ़ानी तेरी क़िस्मत पर — A R Sahil "Aleeg"

मूल रूप से 'मुक़ाम-ए-हैफ़' उस स्थान या अवस्था को दर्शाता है जहाँ पछतावा वास करता है। कविता में, यह अधूरी इच्छाओं या खोए हुए अवसरों के साथ आने वाले गहरे दुःख और लालसा को प्रकट करता है।

'मुक़ाम-ए-हैफ़' का उपयोग कवि अक्सर छूटे हुए अवसरों के विषाद को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह हृदय की मौन विलाप या आत्मा की शांत लालसा का प्रतीक हो सकता है।

कविता के क्षेत्र में, 'मुक़ाम-ए-हैफ़' मानव स्थिति की अंतर्निहित लालसा और पछतावे का प्रमाण है।