Meaning of

मु'आफ़

mu'aaf • معاف

क्षमा; माफ़ी; रियायत

forgive; pardon; excuse

معاف; بخشش; رعایت

Arabic

वरना तो बेवफ़ाई किसे कब मुआ'फ़ है तू मेरी जान है सो तुझे सब मुआ'फ़ है — Vikram Gaur Vairagi
ख़ुदा बचाए तिरी मस्त मस्त आँखों से फ़रिश्ता हो तो बहक जाए आदमी क्या है — Khumar Barabankvi
शब जो हम से हुआ मुआ'फ़ करो नहीं पी थी बहक गए होंगे — Jaun Elia
बे-ख़ुदी में ले लिया बोसा ख़ता कीजे मुआ'फ़ ये दिल-ए-बेताब की सारी ख़ता थी मैं न था — Bahadur Shah Zafar
मतलब ही कुछ नहीं कि मुआ'फ़ी करे क़ुबूल दिल तोड़ने से पहले तुम्हें सोचना तो था — Shaikh Sohail
वरना तो बे-वफ़ाई किसे कब मुआ'फ़ है तू मेरी जान है तो तुझे सब मुआ'फ़ है — Vikram Gaur Vairagi
फिर उस के बा'द कोई सिलसिला नहीं रक्खा जिसे मुआ'फ़ किया, राब्ता नहीं रक्खा — Renu Nayyar
जब तलक अनजान थे महफ़ूज़ थे जान लेना जानलेवा हो गया — Vishal Bagh
मुश्किल है फिर भी माफ किया जा सकता है दिल एक है पर दो बार दिया जा सकता है — ADARSH AWASTHI
जानलेवा किस क़दर है आलम-ए-बेचारगी जब नज़र आती है बेचारे को चारा ख़ुद-कुशी — Dharmesh bashar

मु'आफ़ का अर्थ है किसी को दोष या दायित्व से मुक्त करना। कविता में, यह अक्सर शब्दों से परे जाकर एक कोमल क्षमा का प्रतीक होता है।

कवि मु'आफ़ का उपयोग क्षमा और मुक्ति के विषयों को खोजने के लिए करते हैं। यह कठोर निर्णय के विपरीत, एक नरम और अधिक मानवीय दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है।

मु'आफ़ क्षमा की शक्ति पर चिंतन का निमंत्रण देता है, हमारी साझा मानवता की एक कोमल याद दिलाता है।