Meaning of

मे'राज

me'raaj • بشارت

आरोहण; आध्यात्मिक यात्रा

ascension; spiritual journey

عروج; روحانی سفر

Arabic

इक मिसाली शे'र भी मैं कह न पाया आज तक इस लिए जाना है मुझ को फ़िक्र की मे'राज तक — Moid Rahbar
कर्बला थी हुसैन की मे'राज क़त्ल बस वस्ल का बहाना था — Shadan Ahsan Marehrvi
कुछ करना है अब इश्क़ की मे'राज के ख़ातिर मैं सोच रहा हूँ मियाँ संजीदा है वो भी — Syed Neer Muqeet

मूल रूप में, 'मे'राज' आरोहण को संदर्भित करता है, जो अक्सर एक आध्यात्मिक या दिव्य यात्रा से जुड़ा होता है। कविता में, यह आत्मा के उत्थान की छवि को जागृत करता है, सांसारिक से दिव्य तक का एक पारगमन। यह शब्द आध्यात्मिक जागृति और प्रबोधन की गहरी भावना को वहन करता है।

'मे'राज' का उपयोग कवि अक्सर आत्मा की यात्रा को प्रबोधन की ओर चित्रित करने के लिए करते हैं। यह उच्चतर सत्यों की खोज और दिव्य संबंध की लालसा का प्रतीक है। यह शब्द सांसारिक संघर्षों के विपरीत, आध्यात्मिक आरोहण के मार्ग को उजागर करता है।

कविता के क्षेत्र में, 'मे'राज' आत्मा की दिव्य सत्य की अनंत खोज को मूर्त रूप देता है। यह तारों से परे की यात्रा है।