Meaning of

मौसम-ए-ज़िंदान

mausam-e-zindaan • موسم زندان

कैद का मौसम; बंदी का समय

season of imprisonment; time of confinement

قید کا موسم; بند کا وقت

Persian

मौसम-ए-ज़िंदान बदले तो क़फ़स गुलज़ार हो क़ैदखाने को बदल कर लाभ कुछ होगा नहीं — Aman Kumar Shaw "Haif"

यह वाक्यांश उस समय की छवि बनाता है जब स्वतंत्रता सीमित होती है और आत्मा फंसी हुई महसूस करती है। यह भावनात्मक और मानसिक बाधाओं की बात करता है जो भौतिक दीवारों जितनी ही सीमित लग सकती हैं।

कवि इसका उपयोग अक्सर भावनात्मक या अस्तित्वगत कैद के समय को चित्रित करने के लिए करते हैं। यह आत्मा के अदृश्य बंधनों के खिलाफ संघर्ष या मुक्ति की लालसा का प्रतीक हो सकता है।

मौसम-ए-ज़िंदान जीवन की सीमाओं की जंजीरों के बीच स्वतंत्रता की लालसा का सार पकड़ता है।