Meaning of

मख़मूर

makhmoor • مخمور

मदहोश; नशे में; मोहित

intoxicated; inebriated; enchanted

مخمور; نشے میں; مسحور

Arabic

देखा जमाल-ए-यार तो मख़मूर हो गए बे-ख़ुद हैं बे पिए ही ये ऐसी शराब है — Meem Maroof Ashraf
लम्हे भर को नज़र आए थे मगर आज तलक रूह सरशार है आँखों के उजाले न गए — Habiba Ikram
जो नदी मख़मूर थी,सागर की बस इक चाह में वो बुझाती आज है, आँसू को पी कर तिश्नगी — Dr Bhagyashree Joshi
उस ने मख़मूर निगाहों से पिला दी कैसी दोस्त कोई तो मेरा आ के सँभाले मुझ को — Wajid Husain Sahil
ऐ हुस्न से सरशार हसीं लड़की बताओ इन फूल से होंठों पे दुआ क्यूँ नहीं रखतीं — Shajar Abbas

‘मखमूर’ एक आनंदमय नशे की स्थिति को दर्शाता है, जहाँ इंद्रियाँ तीव्र हो जाती हैं और वास्तविकता एक स्वप्निल धुंध में बदल जाती है। कविता में, यह अक्सर प्रेम के आकर्षण या सौंदर्य के मोह का प्रतीक होता है।

कवि अक्सर ‘मखमूर’ का उपयोग प्रेम के नशीले प्रभावों या प्रकृति की मंत्रमुग्ध कर देने वाली सुंदरता का वर्णन करने के लिए करते हैं। यह क्षण में खो जाने की भावना को व्यक्त करता है, भावनाओं से अभिभूत।

‘मखमूर’ उस क्षण की सुंदरता में आनंदपूर्वक खो जाने के सार को पकड़ता है।