Meaning of

मज़ाक़

mazaq • مذاق

मज़ाक; परिहास; ठिठोली

joke; jest; mockery

مذاق; تمسخر; ٹھٹھا

Arabic

बहुत मज़ाक़ उड़ाते हो तुम ग़रीबों का मदद तो करते हो तस्वीर खींच लेते हो — Nawaz Deobandi
मज़ाक सहना नहीं है हँसी नहीं करनी उदास रहने में कोई कमी नहीं करनी — Swapnil Tiwari
ज़िंदगी से मिले हुए हो तुम वो भी मुझ से मज़ाक़ करती है — Neel Ahmed
वो अपने ख़ून से लिखने लगी है नाम मेरा अब इस मज़ाक़ को संजीदगी से लेना है — Shakeel Jamali
इश्क़ है इश्क़ ये मज़ाक़ नहीं चंद लम्हों में फ़ैसला न करो — Sudarshan Fakir
इक शहंशाह ने दौलत का सहारा ले कर हम ग़रीबों की मोहब्बत का उड़ाया है मज़ाक़ — Sahir Ludhianvi
ये राह-ए-इश्क़ है आख़िर कोई मज़ाक़ नहीं सऊबतों से जो घबरा गए हों घर जाएँ — Dil Ayyubi

मूल रूप से 'मज़ाक' का अर्थ हल्के-फुल्के हास्य या परिहास से है। कविता में यह अक्सर उस नाजुक संतुलन को दर्शाता है जहाँ हँसी और दर्द एक-दूसरे में घुलमिल जाते हैं, और हास्य गहरे भावों का आवरण बन जाता है।

'मज़ाक' का उपयोग कवि जीवन की विडंबना को उजागर करने के लिए करते हैं। यह उस हँसी को दर्शा सकता है जो आँसुओं को छुपाती है, उस परिहास को जो दुःख को छुपाता है, या उस चंचल बातचीत को जो लालसा को छुपाती है।

कविता में 'मज़ाक' मानव भावनाओं की द्वैतता को दर्शाने वाला दर्पण बन जाता है। यह एक ढाल भी है और एक उद्घाटन भी।