Meaning of

म'अनी

m'ani • معنی

अर्थ; महत्व; व्याख्या

meaning; significance; interpretation

مفہوم; اہمیت; تشریح

Arabic

न सताइश की तमन्ना न सिले की परवा
गर नहीं हैं मिरे अश'आर में मअ'नी न सही

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बात ही कब किसी की मानी है
अपनी हठ पूरी कर के छोड़ोगी

ये कलाई ये जिस्म और ये कमर
तुम सुराही ज़रूर तोड़ोगी

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फिर एक रोज़ मुक़द्दर से हार मानी गई
ज़बीन चूम के बोला गया "ख़ुदा हाफ़िज़"

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उस वक़्त पढ़ो जब मैं लफ़्ज़ों में नहीं होता
उस वक़्त मेरे मानी आसान निकलते हैं

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मानी हैं मैं ने सैकड़ों बातें तमाम उम्र
आज आप एक बात मेरी मान जाइए

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एक दिन दोनों ने अपनी हार मानी एक साथ
एक दिन जिस से झगड़ते थे उसी के हो गए

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ख़मोशी मेरी मअनी-ख़ेज़ थी ऐ आरज़ू कितनी
कि जिस ने जैसा चाहा वैसा अफ़्साना बना डाला

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राएगानी के अगर मानी समझने हैं तो आना
बा'द तेरे तुझ को हर इक शय यहाँ उजड़ी मिलेगी

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सदाक़त हो तो दिल सीनों से खिंचने लगते हैं वाइज़
हक़ीक़त ख़ुद को मनवा लेती है मानी नहीं जाती

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उस दिन जो मैं ने उस की बस आधी सी बात नहीं मानी
उस दिन से फिर उस ने मेरी कोई भी बात नहीं मानी

14

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न सताइश की तमन्ना न सिले की परवा
गर नहीं हैं मिरे अश'आर में मअ'नी न सही

12

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बात ही कब किसी की मानी है
अपनी हठ पूरी कर के छोड़ोगी

ये कलाई ये जिस्म और ये कमर
तुम सुराही ज़रूर तोड़ोगी

162

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'म'अनी' समझ और व्याख्या का भार वहन करता है। अपने मूल में, यह उन अर्थों की परतों के बारे में है जो शब्द और अभिव्यक्तियाँ धारण करती हैं। कविता इसे छिपे और प्रकट महत्वों की खोज के माध्यम से गहराई देती है, उन शब्दों के खेल को जो विचार और भावना की एक जटिलता बनाते हैं।

कविता में, 'म'अनी' का उपयोग अक्सर भाषा की गहराइयों में उतरने के लिए किया जाता है। यह अनकहे की खोज है, सतह के नीचे छिपे हुए की खोज। कवि इसका उपयोग साधारण अभिव्यक्तियों में गहरे अर्थों को प्रकट करने के लिए करते हैं।

'म'अनी' हमें स्पष्ट के परे देखने के लिए आमंत्रित करता है, शब्दों में छिपी समृद्धि की खोज करने के लिए। यह भाषा के हृदय में एक यात्रा है।