Meaning of

रख़्त

rakht • رخت

सामान; सामान; प्रावधान

belongings; luggage; provisions

سامان; اسباب; زاد راہ

Persian

दिया जला के सभी बाम-ओ-दर में रखते हैं
और एक हम हैं इसे रह-गुज़र में रखते हैं

समुंदरों को भी मालूम है हमारा मिज़ाज
कि हम तो पहला क़दम ही भँवर में रखते हैं

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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना
तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है

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जानता हूँ कि तुझे साथ तो रखते हैं कई
पूछना था कि तेरा ध्यान भी रखता है कोई?

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वो पास क्या ज़रा सा मुस्कुरा के बैठ गया
मैं इस मज़ाक़ को दिल से लगा के बैठ गया

दरख़्त काट के जब थक गया लकड़हारा
तो इक दरख़्त के साए में जा के बैठ गया

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तेरी निगाह-ए-नाज़ से छूटे हुए दरख़्त
मर जाएँ क्या करें बता सूखे हुए दरख़्त

हैरत है पेड़ नीम के देने लगे हैं आम
पगला गए हैं आप के चू
में हुए दरख़्त

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मैं भी मुँह में ज़बान रखता हूँ
काश पूछो कि मुद्दआ' क्या है

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घर की इस बार मुकम्मल मैं तलाशी लूँगा
ग़म छुपा कर मिरे माँ बाप कहाँ रखते थे

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कैसे किसी की याद हमें ज़िंदा रखती है
एक ख़याल सहारा कैसे हो सकता है

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रखते हैं मोबाइल में मोहब्बत की निशानी
अब फूल किताबों में छुपाया नहीं करते

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इस तरह करता है हर शख़्स सफ़र अपना ख़त्म
ख़ुद को तस्वीर में रखता है चला जाता है

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दिया जला के सभी बाम-ओ-दर में रखते हैं
और एक हम हैं इसे रह-गुज़र में रखते हैं

समुंदरों को भी मालूम है हमारा मिज़ाज
कि हम तो पहला क़दम ही भँवर में रखते हैं

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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना
तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है

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'रख़्त' उस भौतिक और भावनात्मक बोझ को दर्शाता है जिसे हम जीवन में लेकर चलते हैं। मूल रूप से भौतिक संपत्ति को संदर्भित करते हुए, कविता में यह अक्सर यादों, अनुभवों और भावनाओं के बोझ का प्रतीक होता है जो हमारी यात्रा में हमारे साथ होते हैं।

कवि 'रख़्त' का उपयोग पिछले अनुभवों के भार और उन्हें आगे ले जाने की अनिवार्यता को जगाने के लिए करते हैं। यह उन चीजों की आराम और बोझ दोनों का प्रतीक हो सकता है जिन्हें हम प्रिय मानते हैं।

'रख़्त' हमें उन अदृश्य बोझों की याद दिलाता है जिन्हें हम लेकर चलते हैं, जो हमारी यात्रा और पहचान को आकार देते हैं।