Meaning of

रज़ा

raza • رضا

सहमति; संतोष; स्वीकार

consent; satisfaction; acceptance

رضامندی; اطمینان; قبولیت

Arabic

ज़िंदगी को गुनगुना कर चल दिए
मौत को अपना बना कर चल दिए

 
उम्र भर की दोस्ती जाती रही

आप ये क्या गुल खिलाकर चल दिए
 

अब यक़ीं उन की ज़बाँ का क्या करें
जो फ़क़त सपने दिखा कर चल दिए

 
आज उन का दिल दुखा शायद बहुत

बज़्म से आँसू बहा कर चल दिए
 

बे-बसी में और क्या करते 'रज़ा'
दर्द-ओ-ग़म अपना सुनाकर चल दिए

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ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले
ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है

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ऐसी सर्दी है कि सूरज भी दुहाई माँगे
जो हो परदेस में वो किस सेे रज़ाई माँगे

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जी तो ये चाहता है मर जाएँ
ज़िंदगी अब तिरी रज़ा क्या है

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दिसम्बर की सर्दी है बस तुम नहीं हो
अकेली रज़ाई से रुकती नहीं ठंड

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जाड़ों की रातें उस पर भी तुम सेे ये जुदाई
बाहों की छोड़ो हम को हासिल नहीं रज़ाई

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रात कटी नींद की दवाई पर
ख़्वाब पड़े रह गए रज़ाई पर

और किसी से शादी सोची तो
मारा जाएगा वो सगाई पर

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हर परिंदा आसमाँ में उड़ने का क़ायल नहीं होता
कोई रहना चाहता है क़ैद में अपनी रज़ा से भी

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ज़िंदगी की रज़ा बढ़ाते थे
ख़ामख़ा ही सज़ा बढ़ाते थे

लाश छू कर निकल गई साँसें
मौत का भी मज़ा बढ़ाते थे

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हम जीत लेते जंग पर तेरी रज़ा न थी
सब कुछ तो दस्तयाब था इस के सिवा हमें

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ज़िंदगी को गुनगुना कर चल दिए
मौत को अपना बना कर चल दिए

 
उम्र भर की दोस्ती जाती रही

आप ये क्या गुल खिलाकर चल दिए
 

अब यक़ीं उन की ज़बाँ का क्या करें
जो फ़क़त सपने दिखा कर चल दिए

 
आज उन का दिल दुखा शायद बहुत

बज़्म से आँसू बहा कर चल दिए
 

बे-बसी में और क्या करते 'रज़ा'
दर्द-ओ-ग़म अपना सुनाकर चल दिए

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ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले
ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है

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मूल रूप में, 'रज़ा' परिस्थितियों की स्वीकृति का एक शांत भाव है, जो भाग्य के प्रवाह को स्वीकार करने की एक कोमल स्वीकृति है। कविता में, यह अक्सर अपरिहार्य को स्वीकार करने में पाई जाने वाली शांत शक्ति को दर्शाता है, एक गरिमामय समर्पण जो गहरा और सम्मानजनक होता है।

कवि अक्सर 'रज़ा' का उपयोग ईश्वरीय इच्छा और मानवीय स्वीकृति के विषयों को खोजने के लिए करते हैं। यह प्रेमी की प्रिय के मनमौजी स्वभाव के प्रति समर्पण या आत्मा के उच्च शक्ति के प्रति समर्पण को दर्शा सकता है।

कविता की दुनिया में, 'रज़ा' स्वीकृति में पाई जाने वाली सुंदरता की एक कोमल याद दिलाती है। यह समर्पण में शांति की फुसफुसाहट करती है।