Meaning of

रहम

rahm • رحم

दया; करुणा; कृपा

mercy; compassion; kindness

رحم; شفقت; مہربانی

Arabic

अभी से मेरे रफ़ूगर के हाथ थकने लगे
अभी तो चाक मिरे ज़ख़्म के सिले भी नहीं

ख़फ़ा अगरचे हमेशा हुए मगर अब के
वो बरहमी है कि हम से उन्हें गिले भी नहीं

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वो जिस पर उस की रहमत हो वो दौलत माँगता है क्या
मोहब्बत करने वाला दिल मोहब्बत माँगते है क्या

तुम्हारा दिल कहे जब भी उजाला बन के आ जाना
कभी उगता हुआ सूरज इजाज़त माँगता है क्या

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न शब-ओ-रोज़ ही बदले हैं न हाल अच्छा है
किस बरहमन ने कहा था कि ये साल अच्छा है

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ये बात अभी सब को समझ आई नहीं है
दीवाना है दीवाना तमन्नाई नहीं है

दिल मेरा दुखाकर ये मुझे तेरा मनाना
मरहम है फ़क़त ज़ख़्म की भरपाई नहीं है

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हाँ रहते हैं अब राहों में,
तुझ बिन तो हम बेघर निकले,

आशा थी मरहम दोगे तुम,
पर आखर सब ख़ंजर निकले

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तेरी बाँहों के मरहम को
मैं रहता हूँ घाइल बनके

दिल तो तेरा दीवाना है
अब तू भी आ कायल बनके

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उस ने पुकारा नाम जब आधी तो फिर धड़कन रुकी
फिर पूरे इस ब्रह्माण्ड को हम ने धड़कते देखा है

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देखिए पाते हैं उश्शाक़ बुतों से क्या फ़ैज़
इक बरहमन ने कहा है कि ये साल अच्छा है

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माँ बाप और उस्ताद सब हैं ख़ुदा की रहमत
है रोक-टोक उन की हक़ में तुम्हारे नेमत

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जिस बरहमन ने कहा है कि ये साल अच्छा है
उस को दफ़नाओ मिरे हाथ की रेखाओं में

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अभी से मेरे रफ़ूगर के हाथ थकने लगे
अभी तो चाक मिरे ज़ख़्म के सिले भी नहीं

ख़फ़ा अगरचे हमेशा हुए मगर अब के
वो बरहमी है कि हम से उन्हें गिले भी नहीं

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वो जिस पर उस की रहमत हो वो दौलत माँगता है क्या
मोहब्बत करने वाला दिल मोहब्बत माँगते है क्या

तुम्हारा दिल कहे जब भी उजाला बन के आ जाना
कभी उगता हुआ सूरज इजाज़त माँगता है क्या

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'रहम' शब्द एक कोमल शक्ति का प्रतीक है, एक गहरी सहानुभूति जो मात्र सहानुभूति से परे है। कविता में, यह अक्सर एक दिव्य या मानवीय अनुग्रह का प्रतीक होता है, जो दिल के घावों के लिए मरहम और आत्माओं के बीच एक पुल है।

कवि 'रहम' का आह्वान क्षमा और मोचन के विषयों को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह समझ के लिए एक विनती या दया के लिए मानव क्षमता का उत्सव हो सकता है। यह शब्द अक्सर कठोरता या क्रूरता के विपरीत होता है।

'रहम' में, कवि मानवता के महानतम गुणों का सार खोजते हैं। यह अनुग्रह और सहानुभूति की शक्ति की एक कोमल याद दिलाता है।