Meaning of

रिन्दों

rindo • رندوں

मदिरा पीने वाले; आनंद लेने वाले

revelers; those who indulge in wine

شراب نوشی کرنے والے; لطف اٹھانے والے

Persian

न हिंदू हूँ मैं नइँ मुसलमान हूँ मैं
दरिंदों की दुनिया में इंसान हूँ मैं

अदा कर मुझे तू इबादत के जैसे
मेरी जाँ तेरे दिल का अरमान हूँ मैं

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सब परिंदों से प्यार लूँगा मैं
पेड़ का रूप धार लूँगा मैं

तू निशाने पे आ भी जाए अगर
कौन सा तीर मार लूँगा मैं

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प्यार का पहला ख़त लिखने में वक़्त तो लगता है
नए परिंदों को उड़ने में वक़्त तो लगता है

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उड़ने दो परिंदों को अभी शोख़ हवा में
फिर लौट के बचपन के ज़माने नहीं आते

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दानिशमंदों रस्ता बतला सकते हो
दीवाना हूँ वीराने तक जाना है

जन्नत वाले थोड़ा पहले उतरेंगे
रिन्दों को तो मयख़ाने तक जाना है

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यूँँ देखिए तो आँधी में बस इक शजर गया
लेकिन न जाने कितने परिंदों का घर गया

जैसे ग़लत पते पे चला आए कोई शख़्स
सुख ऐसे मेरे दर पे रुका और गुज़र गया

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हमारा इश्क़ इबादत का अगला दर्जा है
ख़ुदा ने छोड़ दिया तो तुम्हारा नाम लिया

ग़मों से बैर था सो हम ने ख़ुद-कुशी कर ली
शजर ने गिर के परिंदों से इन्तेक़ाम लिया

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यार इक बार परिंदों को हुकूमत दे दो
ये किसी शहर को मक़्तल नहीं होने देंगे

ये जो चेहरे हैं यहाँ चाँद से चेहरे 'ताबिश'
ये मिरा इश्क़ मुकम्मल नहीं होने देंगे

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तुम परिंदों से ज़ियादा तो नहीं हो आज़ाद
शाम होने को है अब घर की तरफ़ लौट चलो

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जाने क्या सोच के फिर इन को रिहाई दे दी
हम ने अब के भी परिंदों को तह-ए-दाम किया

27

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न हिंदू हूँ मैं नइँ मुसलमान हूँ मैं
दरिंदों की दुनिया में इंसान हूँ मैं

अदा कर मुझे तू इबादत के जैसे
मेरी जाँ तेरे दिल का अरमान हूँ मैं

24

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सब परिंदों से प्यार लूँगा मैं
पेड़ का रूप धार लूँगा मैं

तू निशाने पे आ भी जाए अगर
कौन सा तीर मार लूँगा मैं

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यह शब्द बेफिक्र आनंद और सुख की खोज की छवियों को उभारता है। कविता में, यह अक्सर विद्रोही भावना या सामाजिक मानदंडों के प्रति अवमानना का प्रतीक होता है।

कवि इस शब्द का उपयोग उन पात्रों को चित्रित करने के लिए करते हैं जो पारंपरिक सीमाओं के बाहर रहते हैं। यह अक्सर स्वतंत्रता, अवज्ञा और खुशी की क्षणभंगुरता के विषयों को उजागर करता है।

कविता के क्षेत्र में, मदिरा पीने वाले परंपरा की सीमा पर नृत्य करते हैं, अनियंत्रित खुशी की भावना को मूर्त रूप देते हैं।