Meaning of

रुक्न

rukn • رکن

स्तंभ; सहारा; आधार

pillar; support; cornerstone

ستون; سہارا; بنیاد

Arabic

कहाँ आ के रुकने थे रास्ते कहाँ मोड़ था उसे भूल जा वो जो मिल गया उसे याद रख जो नहीं मिला उसे भूल जा — Amjad Islam Amjad
झूठ कहते हैं यहाँ बाजार में बिकता नहीं कुछ बेसहारा को सर-ए-बाज़ार बिकते देखा मैं ने — Sandeep dabral 'sendy'
कमाई बाप की सारी चली जाती है बेटों में मगर बेटा उन्हीं को बेसहारा छोड़ जाता है — Prashant Sitapuri
सरहदें अच्छी कि सरहद पे न रुकना अच्छा सोचिए आदमी अच्छा कि परिंदा अच्छा — Irfan Siddiqi
करना गर पड़े बे-पर्दा हमें उसे साबिर हम तो ऐसी शोहरत से दरकिनार करते हैं — Sabir Hussain
हम ऐसे लोग जो रुकना ग़लत समझते थे फिर एक शख़्स पे ठहरे तो लाश हो बैठे — Aqib khan
बस भरम दरकिनार कर दें तो कौन तन्हा नहीं है दुनिया में — Atul K Rai

'रुक्न' का मूल अर्थ एक मजबूत स्तंभ या सहारा है, जो भार को थामता है और स्थिरता प्रदान करता है। कविता में, यह शब्द अक्सर अपने भौतिक अर्थ से परे जाकर जीवन के भावनात्मक और नैतिक सहारों का प्रतीक बन जाता है, वे अदृश्य शक्तियाँ जो मानव आत्मा को थामे रहती हैं।

कवि अक्सर 'रुक्न' का उपयोग जीवन के आवश्यक सहारों के प्रतीक के रूप में करते हैं, चाहे वह प्रेम हो, विश्वास हो या मित्रता। यह नाजुकता और अस्थिरता के विपरीत, उन स्थायी तत्वों को उजागर करता है जो हमें बनाए रखते हैं।

'रुक्न' हमारे जीवन को थामने वाली अदृश्य शक्तियों का प्रमाण है। यह स्थिरता में मिलने वाली शक्ति की याद दिलाता है।