बीच सफ़र में यूँँ रुकना बतलाता हैबिन मतलब के साथ नहीं चलता कोईसानी कैसे मिल जाएगा फिर तुम कोमेरा तो हमनाम नहीं मिलता कोई— Nirvesh Navodayan