@nirvesh_navodayan
Nirvesh Navodayan shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Nirvesh Navodayan's shayari and don't forget to save your favorite ones.
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इकदम दिल ख़ुश कर देने वाला जादू
सबसे अव्वल और सबसे आला जादू
उसके चेहरे पर है भोलापन लेकिन
उसकी आँखें करती हैं काला जादू
बरबस तेरी ओर ध्यान चला जाता है
और फिर मेरा ईमान चला जाता है
है इश्क़ वही स्टेशन कि जहाँ पर यारों
सो गए गर तो सामान चला जाता है
मुतअस्सिर हैं यहाँ सब लोग जाने क्या समझते हैं
नहीं जो यार शबनम भी उसे दरिया समझते हैं
हक़ीक़त सारी तेरी मैं बता तो दूँ सर-ए-महफ़िल
मगर ये लोग सारे जो तुझे अच्छा समझते हैं
तुम थे हम थे और किनारा
तीनों ने दिन साथ गुज़ारा
दो लब साथ बड़े जचते हैं
एक हमारा एक तुम्हारा
फिर इक रात मुझे आया मैसेज यही
समझो तुम आख़िर मेरा मैसेज यही
जान कहा था मुझको भी इक दिन उसने
तुमको भी भेजा होगा मैसेज यही
क्या ही होगा रहने से मेरे बन के
काम सभी करने हैं जब उसके मन के
मैंने सारे के सारे गिन रक्खे हैं
तिल चेहरे के हों या उसकी गर्दन के
बीच सफ़र में यूँ रुकना बतलाता है
बिन मतलब के साथ नहीं चलता कोई
सानी कैसे मिल जाएगा फिर तुम को
मेरा तो हमनाम नहीं मिलता कोई
कुछ भी कैसे कह देता मैं यार उसे
के पहले था ही नहीं मुझसे प्यार उसे
कितने नखरे , कितनी शर्तें , मत पूछो
फिर भी हमने कर ही लिया तैयार उसे
हर लड़के की ख्वाहिश बस इतनी सी के
वो साड़ी में दिख जाए इक बार उसे
हर बार क़यामत होती है इस बार किधर से देखूँगा
वो चाँद उधर से देखेगी, मैं चाँद इधर से देखूँगा
लोगों के फेंके पत्थर सहते रहना
दरिया की फ़ितरत में है बहते रहना
आख़िर शेर ख़तम कर जाने वाला हूँ
अच्छा तुम लोग मुक़र्रर कहते रहना