Meaning of

वाक़िफ़

waqif • واقف

जानकार; अवगत

aware; knowledgeable

واقف; باخبر

Arabic

वाक़िफ़ कहाँ ज़माना हमारी उड़ान से वो और थे जो हार गए आसमान से — Faheem Jogapuri
मैं वाक़िफ़ जुदा रास्तों से नहीं थी ये ज़िद साथ चलने की वरना न करती — Priya Dixit
इसी लिए तो है ज़िंदाँ को जुस्तुजू मेरी कि मुफ़लिसी को सिखाई है सर-कशी मैं ने — Ali Sardar Jafri
तू तो वाक़िफ़ है रिवाज़-ए-ग़म से इस के इश्क़ तो तेरा भी ये पहला नहीं है — Siddharth Saaz
मुफ़लिसी थी और हम थे घर के इकलौते चराग़ वरना ऐसी रौशनी करते कि दुनिया देखती — Kashif Sayyed
शायद कि वो वाक़िफ़ नहीं आदाब-ए-सफ़र से पानी में जो क़दमों के निशाँ ढूँड रहा था — Sahar Ansari
घर के लिए जो वक़्त बचा कर रखा था मैं यूँँ मुफ़लिसी हुई कि उसे बेंचना पड़ा — Ashraf Ali
दोस्त हम वो लोग जो लड़ते रहे बस हिज्र से हम बाप दादा मुफ़लिसी से — Kuldeep Tripathi KD

'वाक़िफ़' गहरी समझ और जागरूकता का संकेत देता है। कविता में, यह अक्सर ऐसे चरित्र को दर्शाता है जो न केवल सूचित होता है बल्कि बुद्धिमान भी होता है, जीवन की सूक्ष्मताओं में अंतर्दृष्टि रखता है।

कवि 'वाक़िफ़' का उपयोग उन पात्रों को उजागर करने के लिए करते हैं जो सतह से परे देखते हैं, ज्ञान और प्रबोधन की थीम का अन्वेषण करते हैं। यह अज्ञानता के विपरीत हो सकता है, समझ की एक समृद्ध गाथा बनाते हुए।

कविता में 'वाक़िफ़' अंतर्दृष्टि का दीपक है, जो पाठकों को मानव अनुभव की जटिलताओं के माध्यम से मार्गदर्शन करता है।