Meaning of

शिकस्ता

shikasta • شکستہ

टूटा हुआ; बिखरा हुआ; पराजित

broken; shattered; defeated

ٹوٹا ہوا; بکھرا ہوا; شکست خوردہ

Persian

शिकस्ता दिल शब-ए-ग़म दर्द रुसवाई अरे इतना तो चलता है मुहब्बत में — Sapna Moolchandani
दीदनी है शिकस्तगी दिल की क्या इमारत ग़मों ने ढायी है! — Meer Taqi Meer
साहिल पे क़ैद लाखों सफ़ीनों के वास्ते मेरी शिकस्ता नाव है तूफ़ाँ लिए हुए — Salik Lakhnavi
बुरी सरिश्त न बदली जगह बदलने से चमन में आ के भी काँटा गुलाब हो न सका — Arzoo Lakhnavi
कश्ती भी नहीं बदली दरिया भी नहीं बदला और डूबने वालों का जज़्बा भी नहीं बदला — Ghulam Mohammad Qasir

'शिकस्ता' का मूल अर्थ है शारीरिक रूप से टूटा या पराजित होना। कविता में, यह अक्सर प्रेम या हानि से टूटे हुए दिल या आत्मा की छवि को दर्शाता है, जिससे भावनात्मक गहराई बढ़ती है।

'शिकस्ता' का उपयोग कवि मानव स्थिति की नाजुकता को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह अक्सर अप्राप्त प्रेम, हानि, और सौंदर्य के अवश्यंभावी क्षय के बारे में छंदों में प्रकट होता है।

'शिकस्ता' अपनी काव्यात्मक सार में टूटन में सुंदरता को पकड़ता है, मानव आत्मा की दृढ़ता का प्रमाण है।