Meaning of

साहिर

saahir • ساحر

जादूगर; सम्मोहक

magician; enchanter

جادوگر; ساحر

Arabic

अमृता इमरोज़ साहिर सब कहानी है मुसाफ़िर तुम बताओ कौन चाहत में फ़ना करता है ख़ुद को — Gaurav Singh
मैं मौत से ऐसे गले लगने को हूँ 'साहिर' तुम देख लेना रो पड़ेगी ख़ुद-कुशी मुझ को — Saahir
सब बजा कर तालियाँ सर्कस से हँस कर घर गए देखते ही देखते साहिर अकेला रह गया — Kanha Mohit
किसी साहिर को मैं भी चाहती हूँ मेरे अंदर भी कोई अमृता है — Shruti chhaya
रगों में दौड़ता है खूँ की तरह हिंदुस्ताँ हर इक को मिलता नहीं ये नसीब अब साहिर — Sahir banarasi

'साहिर' शब्द एक जादूगर के रहस्यमय और मोहक गुणों को दर्शाता है। कविता में, यह अक्सर प्रेम की आकर्षक शक्ति या सुंदरता के मंत्रमुग्ध कर देने वाले आकर्षण का प्रतीक होता है।

कवि 'साहिर' का उपयोग प्रिय की मोहक उपस्थिति का वर्णन करने या प्रकृति के मंत्रमुग्ध कर देने वाले प्रभाव को पकड़ने के लिए करते हैं। यह कला की परिवर्तनकारी शक्ति को भी दर्शा सकता है।

कविता में, 'साहिर' आकर्षण की आत्मा और प्रेम और सुंदरता के परिवर्तनकारी जादू को पकड़ता है।