पुरानी फ़ोटो उस की देखता हूँ मैंनई तस्वीर आँखों को रुलाती हैवो मुझ को छोड़ कर ऐसे गई 'साहिर'माँ जैसे छोड़ कर बच्चे को जाती है— SIDDHARTH SHARMA