बेवफ़ाई आप की ज़ाहिर नहीं हैआप सा पर हर कोई माहिर नहीं हैतुम ने ही बाँधा है सम्मोहन में सब कोदूसरा कोई यहाँ साहिर नहीं है— Aatish Indori