Meaning of

सुखन

sukhan • سخن

वाणी; भाषण; कविता

speech; discourse; poetry

کلام; تقریر; شاعری

Persian

हैं और भी दुनिया में सुख़न-वर बहुत अच्छे कहते हैं कि 'ग़ालिब' का है अंदाज़-ए-बयाँ और — Mirza Ghalib
मैं सुख़न में हूँ उस जगह कि जहाँ साँस लेना भी शा'इरी है मुझे — Tehzeeb Hafi
नज़र में रखना कहीं कोई ग़म शनास गाहक मुझे सुख़न बेचना है ख़र्चा निकालना है — Umair Najmi
ग़ज़ल बनी है ज़िन्दगी, नफ़स नफ़स है शा'इरी, सुख़न से मेरी आशिक़ी , ग़ज़ब है बेमिसाल है — Darpan
आप अपने से हम-सुख़न रहना हमनशीं साँस फूल जाती है — Jaun Elia
उस के बदन को दी नुमूद हम ने सुखन में और फिर उस के बदन के वास्ते इक क़बा़ भी सी गई — Jaun Elia
ख़्वाहिश है इन गुलों को दवामी बहार दूँ जितने किए हैं इश्क़ सुख़न में उतार दूँ — Bhaskar Shukla

सुखन अभिव्यक्ति की कला को दर्शाता है, जहाँ शब्द भावनाओं और विचारों के वाहक बन जाते हैं। यह केवल बोलने के बारे में नहीं है, बल्कि ऐसी भाषा गढ़ने के बारे में है जो सुंदरता और गहराई के साथ गूंजती है। कविता में, यह शब्दों की शक्ति को दर्शाता है जो प्रेरित करती है, हिलाती है, और रूपांतरित करती है।

कवि 'सुखन' का उपयोग भाषा की सुंदरता और शक्ति को उजागर करने के लिए करते हैं। यह काव्य कला का उत्सव हो सकता है या शब्दों की रूपांतरणीय प्रकृति पर एक चिंतन।

सुखन हमें विचार और अभिव्यक्ति के बीच के शाश्वत नृत्य की याद दिलाता है, जहाँ शब्द आत्मा के पुल बन जाते हैं।