Meaning of

हक़दार

haqdaar • حق دار

अधिकारी; योग्य

entitled; deserving

مستحق; لائق

Arabic

मोहब्बत के सितम का हर कोई हक़दार है निर्भय भटक जाते हैं वो भी जो मोहब्बत भी नहीं करते — Nirbhay Nishchhal
हर शख़्स बराबर का है हक़दार यहाँ पर ये बज़्म-ए-सुख़न आप की जागीर नहीं है — Akash Gagan Anjaan
मुझ को मालूम थे उस के सारे क़रम फिर लगा एक मौक़े' की हक़दार है — Sandeep Rajput
इल्म-ए-अरूज़ न था तेरे लहजे में सलमान जो कुछ सीखा है उस का हक़दार है तोयेश — salman khan "samar"
हक़, माँगने वालों को मिलता ही नहीं पर अब हक़ छीनने वाले वो हक़दार नहीं दिखते — Sahil Verma

‘हक़दार’ शब्द में अधिकार या पात्रता की भावना होती है। कविता में, यह अक्सर न्याय और योग्यता के विषयों को उजागर करता है, जहाँ किसी व्यक्ति या भावना की योग्य प्रकृति को रेखांकित किया जाता है।

कवि 'हक़दार' का उपयोग समाज के नैतिक ताने-बाने में गहराई से उतरने के लिए करते हैं। यह प्रेमी की आंतरिक योग्यता, किसी कारण की न्यायप्रियता, या किसी सपने के अधिकार को प्रतिबिंबित कर सकता है।

कविता के क्षेत्र में, 'हक़दार' न्याय और मूल्य की मौन प्रतिध्वनियों के साथ गूंजता है।