Meaning of

हस्त

hast • ہست

अस्तित्व; होना

existence; being

وجود; ہونا

Persian

कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा — Allama Iqbal
उस की याद आई है साँसों ज़रा आहिस्ता चलो धड़कनों से भी इबादत में ख़लल पड़ता है — Rahat Indori
असर करती है कोई-कोई बात आहिस्ता आहिस्ता समझ में आते हैं कुछ मोजज़ात आहिस्ता आहिस्ता — Ameer Imam
दीवार क्या गिरी मिरे ख़स्ता मकान की लोगों ने मेरे सेहन में रस्ते बना लिए — Sibt Ali Saba
हमारी मर्ज़ी से अब क्या बदलने वाला है तुम्हारे कब्ज़े में वोटिंग मशीन है साहब — Varun Anand
आ कि तुझ बिन इस तरह ऐ दोस्त घबराता हूँ मैं जैसे हर शय में किसी शय की कमी पाता हूँ मैं — Jigar Moradabadi
दुनिया मेरी बला जाने महँगी है या सस्ती है मौत मिले तो मुफ़्त न लूँ हस्ती की क्या हस्ती है — Fani Badayuni
जवाँ होने लगे जब वो तो हम से कर लिया पर्दा हया यक-लख़्त आई और शबाब आहिस्ता आहिस्ता — Ameer Minai

हस्त अस्तित्व की स्थिति, स्वयं के अस्तित्व का सार दर्शाता है। कविता में, यह अक्सर जीवन, ब्रह्मांड और आत्मा के स्वभाव पर विचार करता है।

कवि इसका उपयोग पहचान और ब्रह्मांड के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह जीवन के अर्थ पर सवाल उठा सकता है या होने के सरल कार्य का जश्न मना सकता है।

हस्त हमें अस्तित्व की विशाल गाथा में हमारे स्थान पर विचार करने के लिए आमंत्रित करता है।