Meaning of

ख़फा

khafa • خفا

नाराज़; अप्रसन्न; आहत

angry; displeased; offended

ناراض; ناخوش; خفا

Persian

मना भी लूँगा गले भी लगाऊँगा मैं 'अली' अभी तो देख रहा हूँ उसे ख़फ़ा कर के — Ali Zaryoun
यूँँ लगे दोस्त तिरा मुझ से ख़फ़ा हो जाना जिस तरह फूल से ख़ुशबू का जुदा हो जाना — Qateel Shifai
फ़रिश्तों से भी अच्छा मैं बुरा होने से पहले था वो मुझ से इंतिहाई ख़ुश ख़फ़ा होने से पहले था — Anwar Shaoor
किस किस को बताएँगे जुदाई का सबब हम तू मुझ से ख़फ़ा है तो ज़माने के लिए आ — Ahmad Faraz
लोग कहते हैं कि तू अब भी ख़फ़ा है मुझ से तेरी आँखों ने तो कुछ और कहा है मुझ से — Jaan Nisar Akhtar
देर से आने पर वो ख़फ़ा था आख़िर मान गया आज मैं अपने बाप से मिलने क़ब्रिस्तान गया — Afzal Khan

खफा भावनात्मक अशांति का संकेत देता है, एक ऐसा दिल जो असंतोष या चोट से प्रभावित होता है। कविता में, यह अक्सर प्रेमियों के झगड़े या दोस्तों के बीच की मौन दूरी की तस्वीर पेश करता है। यह शब्द अनकही शिकायतों और सुलह की लालसा का भार वहन करता है।

कवि खफा का उपयोग गलतफहमी और भावनात्मक दूरी के विषयों को खोजने के लिए करते हैं। यह एक ऐसा शब्द है जो अनसुलझे संघर्षों के तनाव और टूटे संबंधों को सुधारने की आशा को पकड़ता है।

खफा प्रेम और कलह के बीच के नाजुक संतुलन की याद दिलाता है। यह दिल की चोट और उपचार दोनों की क्षमता को व्यक्त करता है।