Meaning of

ख़ारिज

khaariz • خارج

बाहर किया हुआ; अस्वीकृत

excluded; rejected

باہر کیا ہوا; مسترد

Arabic

बहरस ख़ारिज हूँ ये मालूम है पर तुम्हारी ही ग़ज़ल का शे'र हूँ — Gyan Prakash Akul
जितनी दफ़ा उसे मेरी याद आती होगी उतनी दफ़ा ग़ज़ल मेरी गुनगुनाती होगी — Krishnakant Kabk
अगर इमारत बनी कभी ख़ारिज शे'रों की सब सेे ज़्यादा ईंटें मेरे नाम की होंगी — Saahir
मेरी सारी ग़ज़लें तुम बिन खारिज़ हैं क्या तुम को इस का थोड़ा भी इल्म न था — Ved prakash Pandey
वो सुर जो धड़कन है गुनगुनाती किसी सुरीली रबाब सा है ये गीत और ये ग़ज़ल का सारा सफ़र सजीली सिहाब सा है — Karal 'Maahi'
मैं ने अपनी ग़ज़लें खारिज कर डाली सोचो मेरी जान तुम्हारा क्या होगा — Talib Toofani
मेरी ग़ज़लें गुनगुनाती थी वो हर शब उस को मीरा सी दिवानी लिख रहे हैं — "Nadeem khan' Kaavish"
उस को ख़ारिज करूँँ तो कैसे करूँँ वो जो मौजूद है अज़ल से ही — Sumit Panchal

'ख़ारिज' शब्द में बाहर किए जाने या अस्वीकृत होने की भावना है। कविता में, यह अक्सर अलगाव या अस्वीकृति की भावनाओं को दर्शाता है, जो अवांछित होने के भावनात्मक भार को पकड़ता है।

कवि 'ख़ारिज' का उपयोग बहिष्कार और भावनात्मक दूरी के विषयों को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह अक्सर स्वीकृति और अपनापन के शब्दों के विपरीत होता है, अलगाव के दर्द को उजागर करता है।

कविता की दुनिया में, 'ख़ारिज' स्वीकृति की लालसा में दिल की मौन पुकारों को समेटे हुए है।