Meaning of

ख़ुदारा

khudaara • خدارا

भगवान के लिए; दया की विनती

for God's sake; plea for mercy

خدا کے لئے; رحم کی درخواست

Arabic

हैरान इस क़दर भी हमपर न हों ख़ुदारा एक शक़्स बच गया है नाराज़ कर रहे हैं — Jaani Lakhnavi
मुझे थी सौंपनी गर तो, ज़रा सी नम, नरम रखते ख़ुदारा अधपकी मिट्टी, कहाँ साँचें में आएगी — Shiva awasthi
नाख़ुदा है, ख़ुदा नहीं है वो अब ख़ुदारा, ख़ुदा ख़ुदा कीजे — Shadab Shabbiri
मैं थक गया हूँ ख़ुदारा उदासी होते हुए किसी के सुर्ख़ लबों का मुझे तबस्सुम कर — Amaan Haider
कँवल जैसा तुम्हारा चेहरा गर आँगन में हो मेरे तो फिर ये घर ख़ुदारा घर नहीं गुलदान हो जाए — Nityanand Vajpayee
ख़ुदारा मुझे यूँँ न हैरत से देखो यक़ीं तो करो बाख़ुदा बेखु़दी है — Shadab Shabbiri

मूल रूप से दिव्य हस्तक्षेप या दया की याचना, 'खुदारा' में निराशा और गंभीरता का भार होता है। कविता में, यह आत्मा की गहराइयों से एक पुकार बन जाता है, एक ऐसी दुनिया में करुणा के लिए पुकार जो अक्सर उदासीन होती है।

कवि 'खुदारा' का उपयोग गहन याचना व्यक्त करने के लिए करते हैं, अक्सर तीव्र भावनात्मक उथल-पुथल के क्षणों में। यह समझ के लिए पुकार, सांत्वना के लिए अनुरोध, या परिवर्तन के लिए निराशाजनक पुकार हो सकता है।

अपने काव्यात्मक सार में, 'खुदारा' नश्वर और दिव्य के बीच एक पुल है, करुणा की मानव आवश्यकता का प्रमाण है।