हमें अब इश्क़ में पड़ना नहीं हैख़ुदारा जंग ये लड़ना नहीं हैतुम्हारे ख़्वाब से तंग आ गए हैंहमें अब ख़्वाब में सड़ना नहीं है— Afzal Sultanpuri