किस के बुलाने पर चला आया यहाँहै कौन वो जिस का नज़ारा कट गयाक्या एक टुकड़ा भी बचा सकता नहींक्या दिल मिरा पूरा ख़ुदारा कट गया— Sagar Sahab Badayuni